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Toggle8th Pay Commission fitment factor: What can be salary hike for central govt employees if fitment factor is 2.15?

8th Central Pay Commission (8th CPC) सरकारी कर्मचारियों और pensioners के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आ रहा है, क्योंकि इससे उनके salary और pension में अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है। कर्मचारियों के basic salary और pension में होने वाली बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि 8th Pay Commission द्वारा fitment factor कितना तय किया जाता है। Fitment factor जितना ज्यादा होगा, salary hike भी उतनी ही अधिक होगी।
हालांकि, Central Government द्वारा 8th Pay Commission की recommendations को approve करने और fitment factor पर final decision लेने में लगभग दो साल का समय लग सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर fitment factor 2.15 तय किया जाता है, तो Central Government employees की salary में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
7th Pay Commission tenure
7th Pay Commission का tenure 31 December 2025 को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद Central Government employees के लिए revised salary structure के 1 January 2026 से लागू होने की सबसे अधिक संभावना है।
हालांकि, Central Government को 8th CPC report को approve करने में लगभग दो साल का समय लग सकता है। इस कारण से, भले ही नई salary और pension बाद में लागू हों, लेकिन government employees और pensioners को लागू तारीख से arrears का लाभ जरूर मिलेगा।
8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) के आधार पर तय की जाएगी। यह एक ऐसा गुणांक (multiplier) है जिसका उपयोग नए वेतन आयोग में वेतन और पेंशन के संशोधन (revision) के लिए किया जाता है।
नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है?
नेक्सडिग्म (Nexdigm) के पेरोल सर्विसेज डायरेक्टर, रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर आमतौर पर नियोक्ता (Employer), वेतन आयोग या मुआवजा समिति (Compensation Committee) द्वारा तय किया जाता है। इसे निर्धारित करने के लिए कई आर्थिक और संगठनात्मक पहलुओं पर विचार किया जाता है।
मुख्य बिंदु:
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वेतन वृद्धि का आधार: फिटमेंट फैक्टर ही वह मुख्य फॉर्मूला है जो आपकी बेसिक सैलरी में होने वाली वृद्धि को तय करता है।
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निर्णय प्रक्रिया: इसमें देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और सरकारी संसाधनों को ध्यान में रखा जाता है।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) तय करने वाले मुख्य कारक
रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:
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महंगाई और जीवन यापन लागत सूचकांक: जितनी अधिक महंगाई होगी, उतने ही अधिक फिटमेंट फैक्टर की आवश्यकता होगी। इसके लिए समितियाँ आमतौर पर CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) और CPI-IW के रुझानों का उपयोग करती हैं।
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राजकोषीय क्षमता (Budget): सरकार के पास उपलब्ध बजट और कुल वेतन खर्च की सीमाएँ।
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निजी क्षेत्र के साथ तुलना: अन्य प्रतिस्पर्धी संगठनों और उद्योगों के वेतन सर्वे (Market Benchmarking) के आधार पर तुलना की जाती है।
फिटमेंट फैक्टर से बेसिक सैलरी कैसे बढ़ती है?
यदि 8वें वेतन आयोग में 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो नई बेसिक सैलरी की गणना वर्तमान बेसिक सैलरी को 2.15 से गुणा करके की जाएगी।
उदाहरण:
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₹18,000 बेसिक सैलरी पर:
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गणना: $18,000 \times 2.15 = 38,700$
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यानी सैलरी बढ़कर ₹38,700 हो जाएगी।
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₹50,000 बेसिक सैलरी पर:
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गणना: $50,000 \times 2.15 = 1,07,500$
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यानी सैलरी बढ़कर ₹1,07,500 हो जाएगी।
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बेसिक सैलरी बढ़ने के अन्य लाभ
2.15 का फिटमेंट फैक्टर बेसिक सैलरी को दोगुने से भी अधिक बढ़ा देता है। चूँकि DA (महंगाई भत्ता), HRA (मकान किराया भत्ता) और पेंशन जैसे लाभ बेसिक पे के आधार पर ही तय होते हैं, इसलिए बेसिक सैलरी बढ़ने से कुल मासिक आय और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में भारी बढ़ोतरी होती है।
संभावित वेतन तालिका (2.15 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर)
| ग्रेड (Grade) | वर्तमान बेसिक पे | अनुमानित बेसिक पे (2.15 Factor) |
| Level 1 | ₹ 18,000 | ₹ 38,700 |
| Level 2 | ₹ 19,900 | ₹ 42,785 |
| Level 3 | ₹ 21,700 | ₹ 46,655 |
| Level 4 | ₹ 25,500 | ₹ 54,825 |
| Level 5 | ₹ 29,200 | ₹ 62,780 |
| Level 6 | ₹ 35,400 | ₹ 76,110 |
| Level 7 | ₹ 44,900 | ₹ 96,535 |
| Level 10 | ₹ 56,100 | ₹ 1,20,615 |
| Level 12 | ₹ 78,800 | ₹ 1,69,420 |
| Level 15 | ₹ 1,82,200 | ₹ 3,91,730 |
| Level 18 | ₹ 2,50,000 | ₹ 5,37,500 |
(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े 2.15 के फिटमेंट फैक्टर के अनुमान पर आधारित हैं।)
8वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बड़े बदलाव की तैयारी
भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकारी कार्यप्रणाली में ‘केंद्रीय वेतन आयोग’ (Central Pay Commission – CPC) का विशेष महत्व है। आमतौर पर हर दस साल में केंद्र सरकार एक नए वेतन आयोग का गठन करती है ताकि सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा की जा सके। वर्तमान में 7वां वेतन आयोग प्रभावी है, लेकिन जैसे-जैसे 2026 की समयसीमा नजदीक आ रही है, 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वेतन आयोग क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है?
वेतन आयोग एक प्रशासनिक निकाय है जिसे भारत सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। इसका प्राथमिक कार्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव की सिफारिश करना होता है। चूंकि महंगाई दर (Inflation) लगातार बढ़ती रहती है, इसलिए कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बनाए रखने के लिए वेतन में वृद्धि अनिवार्य है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र के साथ प्रतिस्पर्धा और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भी समय-समय पर वेतन संशोधन आवश्यक होता है।
फिटमेंट फैक्टर: वेतन वृद्धि की धुरी
8वें वेतन आयोग की चर्चा में सबसे महत्वपूर्ण शब्द ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) है। यह वह गुणांक है जिसका उपयोग नए वेतन ढांचे में बेसिक पे निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

फिटमेंट फैक्टर कैसे निर्धारित होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण किसी एक पैमाने पर नहीं, बल्कि कई आर्थिक कारकों के तालमेल से होता है:
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उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): पिछले 10 वर्षों में महंगाई किस गति से बढ़ी है, यह फिटमेंट फैक्टर का सबसे बड़ा आधार होता है।
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न्यूनतम वेतन की गणना: आयोग यह तय करता है कि एक औसत भारतीय परिवार की बुनियादी जरूरतों (भोजन, शिक्षा, चिकित्सा) को पूरा करने के लिए कम से कम कितनी आय की आवश्यकता है।
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राजकोषीय क्षमता (Fiscal Capacity): सरकार के खजाने पर वेतन वृद्धि का कितना बोझ पड़ेगा, इसका सूक्ष्म विश्लेषण किया जाता है।
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निजी क्षेत्र का बेंचमार्क: सरकारी नौकरियों को आकर्षक बनाए रखने के लिए निजी क्षेत्र के वेतन स्तरों को भी ध्यान में रखा जाता है।
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.15 (या अधिक) होता है, तो क्या होगा?
वर्तमान अटकलों और कर्मचारी संगठनों की मांगों के बीच, यदि हम 2.15 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानकर चलें, तो वेतन में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वेतन वृद्धि का गणित
कल्पना कीजिए कि एक कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 है। 2.15 के गुणांक के साथ, यह बढ़कर सीधे ₹38,700 हो जाएगा। इसी प्रकार, मध्यम स्तर के अधिकारी जिनका वेतन ₹50,000 है, उनका नया वेतन ₹1,07,500 के पार चला जाएगा।
यह वृद्धि केवल बेसिक पे तक सीमित नहीं रहती। चूंकि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में तय होते हैं, इसलिए बेसिक पे में वृद्धि का मतलब है कि ‘टेक-होम सैलरी’ में जबरदस्त उछाल।
8वें वेतन आयोग के संभावित लाभ
1. कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार
वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि से सरकारी कर्मचारियों की जीवनशैली में सुधार होता है। यह न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि उन्हें बेहतर निवेश और बचत के अवसर भी देता है।
2. भत्तों में वृद्धि (DA, HRA, TA)
जब बेसिक पे बढ़ती है, तो उसके साथ जुड़े अन्य लाभ भी बढ़ते हैं:
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DA (महंगाई भत्ता): यह हर छह महीने में बढ़ता है और नई बेसिक पे पर लगने से इसकी राशि बहुत अधिक हो जाती है।
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HRA (मकान किराया भत्ता): शहरों के वर्गीकरण (X, Y, Z श्रेणी) के आधार पर बेसिक पे के हिस्से के रूप में मिलने वाला यह भत्ता कर्मचारियों को बेहतर आवास सुविधाएं लेने में मदद करता है।
3. पेंशनभोगियों के लिए राहत
वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिलता है। नई पेंशन गणना से लाखों वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
आर्थिक चुनौतियां और सरकारी पक्ष
जहां कर्मचारी बड़ी वेतन वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं सरकार के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं:
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राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): वेतन और पेंशन का खर्च सरकार के बजट का एक बड़ा हिस्सा होता है। अत्यधिक वृद्धि से विकास कार्यों के लिए फंड कम हो सकता है।
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मुद्रास्फीति (Inflation): जब लाखों कर्मचारियों के हाथ में एक साथ अधिक पैसा आता है, तो बाजार में मांग बढ़ती है, जिससे कभी-कभी महंगाई दर में और उछाल आने की संभावना रहती है।
7वें और 8वें वेतन आयोग के बीच का अंतर
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसने न्यूनतम वेतन को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया था। 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को 3.0 या उससे अधिक रखा जाए, ताकि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई का सही मुकाबला किया जा सके।
कर्मचारी संगठन क्या चाहते हैं?
विभिन्न रेलवे, रक्षा और नागरिक कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें 50% से अधिक बढ़ चुकी हैं। ऐसे में मात्र 2.15 का फैक्टर भी शायद कम पड़ सकता है। उनकी मांग है कि वेतन संशोधन के साथ-साथ पदोन्नति के नियमों और कार्य दशाओं में भी सुधार किया जाए।
निष्कर्ष
8वां वेतन आयोग केवल एक वेतन वृद्धि का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश के विकास में योगदान देने वाले सरकारी तंत्र के मनोबल को बढ़ाने का एक जरिया भी है। हालांकि अभी सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा और फिटमेंट फैक्टर के सटीक आंकड़ों का इंतजार है, लेकिन यह स्पष्ट है कि 2026 तक सरकारी वेतन ढांचे में एक बड़ा परिवर्तन आने वाला है।
यदि 2.15 का भी फैक्टर लागू होता है, तो यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जीत होगी और उनकी क्रय शक्ति को नए पंख देगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस आयोग के गठन की फाइल को कब आगे बढ़ाती है और मध्यम वर्ग के इन करोड़ों परिवारों को क्या खुशखबरी मिलती है।
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1. Press Information Bureau (PIB) सरकार द्वारा वेतन आयोग की घोषणा या कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति यहाँ प्रकाशित की जाती है।
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लिंक: pib.gov.in
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यहाँ हाल ही में (अक्टूबर 2025) 8वें वेतन आयोग के ‘Terms of Reference’ को मंजूरी दी गई है।
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2. Department of Expenditure (Ministry of Finance) वेतन आयोग के गठन और सैलरी स्ट्रक्चर से जुड़े नियमों (Gazette Notifications) को यही विभाग जारी करता है।
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लिंक: doe.gov.in
3. The Gazette of India (e-Gazette) 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) यहाँ देखी जा सकती है।
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लिंक: egazette.gov.in
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नोट: 3 नवंबर 2025 को जारी गजट के अनुसार न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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4. Department of Personnel and Training (DoPT) कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पे-मैट्रिक्स के कार्यान्वयन के लिए यह मुख्य विभाग है।
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लिंक: dopt.gov.in
5. Pensioners’ Portal पेंशनभोगियों के लिए पेंशन रिवीजन की जानकारी इस पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाती है।
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लिंक: pensionersportal.gov.in
ताज़ा अपडेट: सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
FAQs
Q1. When will the 8th Pay Commission be implemented? The 8th Pay Commission is widely expected to be effective from January 1, 2026. Historically, the Government of India constitutes a new pay commission every 10 years. Since the 7th CPC was implemented in 2016, the next cycle begins in 2026.
Q2. What is the expected Fitment Factor for the 8th CPC? While employee unions are demanding a fitment factor of 3.68 (to raise the minimum basic pay to ₹51,480), most experts and reports suggest a more likely range between 1.92 and 2.86. The final multiplier will be decided by the commission based on inflation and the government’s fiscal health.
Q3. How much salary hike can central government employees expect? On average, employees can expect a total salary increase of 25% to 35%. For example, if the minimum basic pay increases from ₹18,000 to approximately ₹34,560 (using a conservative 1.92 factor), the overall take-home pay will rise significantly due to the corresponding increase in HRA and other allowances.
Q4. Will the Dearness Allowance (DA) be merged with the Basic Pay? Yes, it is a standard practice during pay revisions. The existing DA (which is projected to reach 60%–70% by January 2026) will likely be merged into the Basic Pay to create a new “Revised Basic Pay” structure, and the DA counter will be reset to 0%.
Q5. Will pensioners also benefit from the 8th Pay Commission? Absolutely. The commission covers both serving employees and pensioners. Pensions are typically revised using the same fitment factor applied to the last drawn basic pay. This could see the minimum pension rise from the current ₹9,000 to over ₹20,000.